Friday, October 7, 2016

पंचायत से

पंचों,
त्योहारों का मौसम आ गया है।
आजकल बड़ी गहमागहमी है। अपने मनबढ़ पड़ोसी ससुर पाकिस्तान को लेकर देश की सारी जनता गुस्से में है। हर कोई अपने–अपने तरीके से मन की भड़ास निकाल रहा है। कोई देशभक्ति की राजनीति कर रहा है तो कोई देशद्रोह की राजनीति कर रहा है। कोई सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांग रहा है तो कोई सबूत मांगने वालों की खिंचाई कर रहा है। सबका अपना–अपना मतलब है। कोई बार्डर पर तार लगवाने की बात कर रहा है तो कोई पहरा बढ़ाने की बात कर रहा है। और पंचों आप तो  जानते ही हैं कि हम हिन्दुस्तानी एक दूसरे की टांग खींचने में माहिर हैं। सो टंगखिंचउवल तो होनी ही है। पर भाइयों हम तो कुछ दूसरी ही बात कहेंगे।