Monday, April 24, 2017

बक्सर से न्यू जलपाईगुड़ी की रेल यात्रा

अप्रैल के प्रारम्भ से ही लू व गर्मी की शुरूआत लगभग हो जाती है और इस समय पहाड़ी इलाकों का मौसम बहुत ही सुहावना हो जाता है। भारत के बहुत सारे हिल स्टेशनों में से दार्जिलिंग भी एक है। मैंने भी दार्जिलिंग की खूबसूरती के किस्से सुन रखे थे तो अपना भी मन चल पड़ा एक दिन दार्जिलिंग की सैर पर। इस सफर में संगीता भी साथ थी। दार्जिलिंग का नजदीकी रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ी और नजदीकी बस स्टेशन सिलीगुड़ी है। तो न्यू जलपाईगुड़ी की ट्रेन पकड़ने के लिए हम बलिया से चल पड़े बिहार के एक रेलवे स्टेशन बक्सर के लिए। अप्रैल महीने की 11 तारीख और शरीर को झुलसाती गर्मी। पर मन में संतोष था कि जितने दिन दार्जिलिंग में रहेंगे उतने दिन तो कम से कम गर्मी से छुटकारा रहेगा।
इसी उमंग में हम शाम के लगभग 7 बजे तक बक्सर रेलवे स्टेशन पर पहुंच चुके थे। हमारी ट्रेन थी 12506 अप नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस और इसका समय था 7.53 लेकिन इसकी लोकेशन के हिसाब से यह लगभग 4 घण्टे से अधिक लेट चल रही थी। फिर भी स्टेशन तो समय से पहुंचना था,सो पहुंच गये। अब जब ट्रेन की लेटलतीफी हमारी बर्थ की ही तरह कनर्न्म हो चुकी थी तो हमने स्टेशन के प्रतीक्षालय में ही चादर बिछाई और लोट गये। क्या पता स्लीपर की बोगी में कितनी भीड़ होǃ उससे तो शायद यहां कम ही थी।

Sunday, April 9, 2017

रामनगर और चुनार

इस यात्रा के बारे में शुरू से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें–

सारनाथ घूमने के अगले दिन रामनगर और चुनार के किले देखने का प्लान बनाया। रामनगर तो गंगा उस पार बनारस से सटे हुए ही है लेकिन वाराणसी से चुनार की दूरी लगभग 45 किमी है। चुनार जाने के लिए पर्याप्त विकल्प उपलब्ध हैं। वाराणसी सरकारी बस स्टैण्ड से विंध्याचल जाने वाली बसें चुनार होकर ही जाती हैं। इसके अतिरिक्त आटो रिक्शा के भी दो रूट हैं। वाराणसी कैण्ट से राजघाट पुल पार कर पड़ाव के लिए आटाे जाती है। पड़ाव से चुनार के लिए आटो मिल जाती है। इसके अतिरिक्त लंका या बी.एच.यू. से गंगा उस पार चुनार जाने के लिए आटो रिक्शा मिल जाती हैं। इस समय उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव 2017 का माहौल चल रहा था और रैलियों वगैरह की वजह से बसें व्यस्त थीं अतः मुझे आटो वाला विकल्प ही बेहतर लगा। तो फिर पकड़ ली एक आटो रिक्शा और चल पड़े। वाराणसी से रामनगर की दूरी लगभग 15 किमी है।