Friday, June 15, 2018

माण्डू–सिटी ऑफ जॉय (पहला भाग)

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आज मेरी मंजिल माण्डू या माण्डव थी। मेरी जानकारी में तो इसका नाम माण्डू ही था लेकिन स्थानीय रूप से इसका नाम माण्डव है। महेश्वर बस स्टैण्ड पर पता लगा कि माण्डव के लिए कोई सीधी बस नहीं है और इसके लिए धामनोद जाना पड़ेगा। जैसे ही मैं स्टैण्ड पहुँचा सुबह 8.15 पर मुझे धामनोद की बस मिल गयी। महेश्वर से धामनोद की दूरी 13 किमी और किराया 15 रूपये। अब चूँकि धामनोद,इन्दौर–महू–सेंधवा होकर महाराष्ट्र के धुले जाने वाले मुख्य मार्ग पर अवस्थित है तो इस वजह से यह एक महत्वपूर्ण जंक्शन है।

Friday, June 8, 2018

महेश्वर

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अपराह्न के 3 बजे मैं महेश्वर बस स्टैण्ड पर बस से उतरा। ओंकारेश्वर से महेश्वर के रास्ते में बस ने बहुत समय लिया। अगर गर्मी न होती तो छुक–छुक रेल का सा मजा आता। गूगल पर टेंपरेचर चेक किया तो 41 डिग्री था। मैंने बोतल में पानी भरकर रख लिया था। भले ही गर्म हो जाएगा,पास में रहेगा तो गले को सूखने से बचाने के काम आएगा। रास्ते में पथरीले धरातल के बीच कहीं–कहीं गेहूँ की फसल कट चुकी थी तो कहीं खेतों में ही खड़ी थी। बस अपने स्टैण्ड पर रूकी तो लगा कि बस स्टैण्ड के लिए जरूरी नहीं कि लम्बी–चौड़ी इमारत बनी हो और वहाँ दुनिया भर की बसें लगीं हों। सड़क किनारे बस खड़ी होती है तो उसे भी स्टैण्ड माना जा सकता है।

Friday, June 1, 2018

ओंकारेश्वर–शिव सा सुंदर

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आॅटो वाले को 20 रूपये चुकाकर मैं 3.15 बजे ओंकारेश्वर में नर्मदा पुल के पहले उतर गया। मोर्टक्का से आेंकारेश्वर बस स्टैण्ड का किराया 10 रूपये है लेकिन शहर में अन्दर जाने के लिए दस रूपये और भुगतना पड़ता है। ऑटो में सवार अन्य लोग पूरी तरह दर्शनार्थी थे और इसी जगह उतरने वाले थे क्योंकि उन्हें नर्मदा में स्नान कर ओंकार जी के दर्शन करना था। ओंकार जी का दर्शन तो मु्झे भी करना था लेकिन मुझे इसके अलावा भी बहुत कुछ देखना सुनना था। इसलिए मैं भी इसी स्थान पर ऑटो से उतरा। ऑटो से उतरने से पहले ही होटल व लॉज वाले गले पड़ना शुरू हो गये थे।