Friday, September 29, 2017
Friday, September 22, 2017
Friday, September 8, 2017
Friday, September 1, 2017
Friday, August 25, 2017
Friday, August 18, 2017
डलहौजी–नीरवता भरा सौन्दर्य
कल का दिन बारिश के जिम्मे रहा या फिर ये कहें कि बारिश का आनन्द लिया गया। तो फिर कल के दिन के लिए निर्धारित कार्यक्रम आज जारी था। गाड़ी वाले से बात हो गयी थी। चम्बा जाने का प्लान कैंसिल करना पड़ा। गाड़ी वाले ने नौ बजे का समय दे रखा था। हल्का–फुल्का नाश्ता करके हम बहुत पहले ही तैयार हो गये थे। बाहर निकले और गाड़ी में सवार हो गये। डलहौजी की सड़कें सँकरी हैं। कभी–कभी भीड़ हो जाती है। लेकिन शोर नहीं होता। बाकी हिल स्टेशनों जैसा भारी–भरकम जमावड़ा नहीं होता। इस समय पीक सीजन है। अगर इस समय यह स्थिति है तो बाकी समय तो और भी खाली रहता होगा।
Friday, August 11, 2017
डलहौजी–बारिश में भीगा एक दिन
इस यात्रा के बारे में शुरू से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें–
21 जून
डलहौजी हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में स्थित है। इसे 1854 में एक हिल स्टेशन के रूप में स्थापित किया गया। तत्कालीन वायसराय लार्ड डलहौजी के नाम पर इसका नाम रखा गया था। उस समय अंग्रेज अधिकारी व सैनिक अपनी छुटि्टयां बिताने यहाँ आया करते थे। डलहौजी की समुद्रतल से औसत ऊँचाई 1970 मीटर या 6460 फीट है। डलहौजी एक बहुत ही छोटा सा कस्बा है जिसकी कुल जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 7000 है और इस वजह से यहाँ लोगों का शाेर कम ही सुनाई देता है। पर्यटन के लिहाज से यह हिमाचल प्रदेश का सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थान है और इसलिए आज हमने डलहौजी और आस–पास घूमने का प्लान बनाया था।
21 जून
डलहौजी हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में स्थित है। इसे 1854 में एक हिल स्टेशन के रूप में स्थापित किया गया। तत्कालीन वायसराय लार्ड डलहौजी के नाम पर इसका नाम रखा गया था। उस समय अंग्रेज अधिकारी व सैनिक अपनी छुटि्टयां बिताने यहाँ आया करते थे। डलहौजी की समुद्रतल से औसत ऊँचाई 1970 मीटर या 6460 फीट है। डलहौजी एक बहुत ही छोटा सा कस्बा है जिसकी कुल जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 7000 है और इस वजह से यहाँ लोगों का शाेर कम ही सुनाई देता है। पर्यटन के लिहाज से यह हिमाचल प्रदेश का सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थान है और इसलिए आज हमने डलहौजी और आस–पास घूमने का प्लान बनाया था।
Friday, August 4, 2017
खज्जियार–मिनी स्विट्जरलैण्ड
डलहौजी के आस–पास देखने के लिए बहुत कुछ है। लेकिन घूमने के लिहाज से अच्छा यही रहता है कि दूर वाला पहले घूम लें नजदीक वाला बाद में। इसलिए आज मिनी स्विट्जरलैण्ड के नाम से विख्यात खज्जियार की ओर निकल पड़े। खज्जियार जाने के लिए भी समस्या। अगर रिजर्व साधन से जाना चाहते हैं तो स्थानीय ट्रैवेल एजेण्ट लूटमार करने पर उतारू हैं। डलहौजी से खज्जियार की दूरी 22 किमी है। खज्जियार और दो–तीन और रास्ते में पड़ने वाली छोटी–छोटी जगहों को मिलाकर 2500 रूपये का पैकेज तैयार कर दिया गया है। अब अगर निगल सकते हैं तो निगलिए।
Friday, July 28, 2017
वाराणसी से डलहौजी
मई के महीने में मध्य प्रदेश की यात्रा पर शायद ही कोई जाता होगा। लेकिन मैंने लगभग 10 दिन की ऐसी यात्रा की थी कि उसकी याद मन से निकलने को तैयार न थी। अब इसे भुलाने के लिए किसी ठण्डी जगह जाना जरूरी महसूस होने लगा। तो जून के महीने में शरीर को ठण्डक का एहसास दिलाने के लिए हिमाचल प्रदेश की वादियों में डलहौजी की ओर निकल पड़े। हमेशा की तरह मैं और मेरी चिरसंगिनी संगीता। सबसे पहली लड़ाई– घर से बनारस की। आधा दिन तो इसी में निकल जाता है और इसके बाद कहीं वास्तविक युद्ध शुरू हो पाता है।
Friday, July 21, 2017
ग्वालियर का किला
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28 मई
आज हमारी इस यात्रा का आखिरी दिन था और आज का कार्यक्रम था ग्वालियर का किला। कल जब हम ग्वालियर पहुँचे और आटो से इधर–उधर भाग–दौड़ कर रहे थे तो कई जगह से ग्वालियर के किले की बाहरी दीवारों की एक झलक दिखाई पड़ी थी। काफी रोमांचक लगा। आज हम बिल्कुल पास से इसे देखने जा रहे थे। अपने होटल के पास से ही हमने आटो पकड़ी और आधे घण्टे के अन्दर 15–20 रूपये में किले के गेट तक पहुँच गये।
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