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Friday, November 24, 2017

माता ने बुलाया हैǃ

माता ने बुलाया हैǃ
कहते हैं कि माता वैष्णो के यहाँ से बुलावा आता है,तभी आदमी वहाँ तक पहुँच पाता है। वैसे तो मन में आता है कि साल में कम से कम एक बार जरूर माता के दरबार में हाजिरी लगा लूँ लेकिन माता बुलाये तब तो। 2014 के जून महीने में माता के दरबार तक एक बार पहुँचा था लेकिन 2015 खाली–खाली ही बीत गया और माँ ने बुलावा नहीं भेजा। 2016 भी बीत गया और लगने लगा कि माँ कुछ नाराज है लेकिन 2017 में माँ ने बुलावा आखिर भेज ही दिया। समय का बहुत ही अभाव था लेकिन सितम्बर महीने के पहले सप्ताह में संयोग बन गया।

Friday, September 9, 2016

वैष्णो देवी दर्शन

यह 9 दिन लम्बी यात्रा थी,भारत के स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू और कश्मीर की। 17 जून 2014 से 25 जून 2014 तक। वैसे इस यात्रा का महत्व इस बात में नहीं था कि यह 9 दिन लम्बी थी वरन इसका महत्व इस बात को लेकर था कि इसमें 18 लोग शामिल थे। सभी अपने–अपने क्षेत्र के दिग्गज,प्रतिष्ठित विद्वान। और विद्वान होने का मतलब– "मुण्डे–मुण्डे मतिर्भिन्ना।" यात्रा का मुख्य उद्देश्य तो वैष्णो देवी का दर्शन था लेकिन लगे हाथ कश्मीर का दर्शन भी हो गया तो विद्वानों की राय में यात्रा सफल मानी जानी ही थी। तो सर्वप्रथम बेगमपुरा एक्सप्रेस से,वाराणसी से हमने 17 जून को 12.50 पर प्रस्थान किया और लगभग 24 घण्टे चलकर अगले दिन अर्थात 18 जून को दोपहर 12.10 बजे जम्मू पहुंचे। चूंकि हमारी संख्या 18 थी अतः वह सारी समस्याएं जो एक बड़े समूह को संयोजित करने में आ सकती थीं,आनी शुरू हो गयी थीं लेकिन इस तरह की यात्रा का भी एक अलग ही आनन्द था।
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