Friday, April 28, 2017

न्यू जलपाईगुड़ी से दार्जिलिंग की ओर

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12 अप्रैल
दोपहर के 12.25 बजे ट्रेन से उतरने के बाद न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन से बाहर निकलकर हमने दार्जिलिंग जाने के विकल्पों के बारे में पता किया। रिजर्व टैक्सी का किराया 2500 सुना तो पांव तले की जमीन खिसक गई। न्यू जलपाईगुड़ी से सिलीगुड़ी की दूरी लगभग 5 किमी है। इस दूरी को यदि 20 रूपये प्रति व्यक्ति के हिसाब शेयर्ड आटो से तय कर लिया जाय तो फिर सिलीगुड़ी से दार्जिलिंग के लिए शेयर्ड टाटा सूमो गाड़ी आसानी से मिल जायेगी। लेकिन इस बात की जानकारी हमें नहीं थी। अभी हम इधर–उधर की सोच ही रहे थे कि एक मानवचालित रिक्शेवाले ने हमें कैप्चर कर लिया।

Friday, April 21, 2017

बक्सर से न्यू जलपाईगुड़ी की रेल यात्रा

अप्रैल के प्रारम्भ से ही लू व गर्मी की शुरूआत लगभग हो जाती है और इस समय पहाड़ी इलाकों का मौसम बहुत ही सुहावना हो जाता है। भारत के बहुत सारे हिल स्टेशनों में से दार्जिलिंग भी एक है। मैंने भी दार्जिलिंग की खूबसूरती के किस्से सुन रखे थे तो अपना भी मन चल पड़ा एक दिन दार्जिलिंग की सैर पर। इस सफर में संगीता भी साथ थी। दार्जिलिंग का नजदीकी रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ी और नजदीकी बस स्टेशन सिलीगुड़ी है। तो न्यू जलपाईगुड़ी की ट्रेन पकड़ने के लिए हम बलिया से चल पड़े बिहार के एक रेलवे स्टेशन बक्सर के लिए। अप्रैल महीने की 11 तारीख और शरीर को झुलसाती गर्मी। पर मन में संतोष था कि जितने दिन दार्जिलिंग में रहेंगे उतने दिन तो कम से कम गर्मी से छुटकारा रहेगा।

Friday, April 14, 2017

रामनगर और चुनार

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सारनाथ घूमने के अगले दिन रामनगर और चुनार के किले देखने का प्लान बनाया। रामनगर तो गंगा उस पार बनारस से सटे हुए ही है लेकिन वाराणसी से चुनार की दूरी लगभग 45 किमी है। चुनार जाने के लिए पर्याप्त विकल्प उपलब्ध हैं। वाराणसी सरकारी बस स्टैण्ड से विंध्याचल जाने वाली बसें चुनार होकर ही जाती हैं। इसके अतिरिक्त आटो रिक्शा के भी दो रूट हैं। वाराणसी कैण्ट से राजघाट पुल पार कर पड़ाव के लिए आटाे जाती है। पड़ाव से चुनार के लिए आटो मिल जाती है। इसके अतिरिक्त लंका या बी.एच.यू. से गंगा उस पार चुनार जाने के लिए आटो रिक्शा मिल जाती हैं। इस समय उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव 2017 का माहौल चल रहा था और रैलियों वगैरह की वजह से बसें व्यस्त थीं अतः मुझे आटो वाला विकल्प ही बेहतर लगा। तो फिर पकड़ ली एक आटो रिक्शा और चल पड़े। वाराणसी से रामनगर की दूरी लगभग 15 किमी है।

Friday, April 7, 2017

वाराणसी दर्शन–सारनाथ


धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी वाराणसी से लगभग 9 किमी दूर उत्तर–पूर्व में स्थित सारनाथ भगवान बुद्ध के जीवन से सम्बन्धित चार प्रमुख स्थानों– कपिलवस्तु, बोधगया, सारनाथ तथा कुशीनगर में से एक है। कपिलवस्तु में उनका जन्म हुआ, बोधगया में उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ, सारनाथ में उन्होंने अपने शिष्यों को पहला उपदेश प्रदान किया जिसे धर्मचक्रप्रवर्तन कहा जाता है तथा कुशीनगर में उन्हें निर्वाण प्राप्त हुआ।