Friday, April 12, 2019

तिरूमला टु मदुरई

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आज यात्रा का तीसरा दिन था। कल शाम के समय जब हम भगवान वेंकटेश के दर्शन कर कमरे लौटे तो एक और घटना हुई। और वो ये कि आगे की ʺयात्राʺ करने वाले ʺयात्रियोंʺ के लिए "ट्रैवलर" गाड़ी की बुकिंग की गयी। तिरूमला के सीमित दायरे में ट्रैवेल एजेंट भी संभवतः सीमित ही हैं। हमारे सामने तिरूपति पहुँचकर भी गाड़ी बुक करने का विकल्प था लेकिन हमें यहीं से बेहतर लगा सो कर लिया।

Friday, April 5, 2019

जय वेंकटेश्वर

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बालाजी या तिरूपति श्री वेंकटेश्वर भगवान का मन्दिर आन्ध्र प्रदेश के सुदूर दक्षिणी छोर पर बसे चित्तूर जिले के उत्तरी छोर पर अवस्थित है। तिरूपति कस्बे से सटे हुए,इसके ठीक उत्तर में पूरब से पश्चिम को फैली हुई पूर्वी घाट की पहाड़ियाँ नजर आती हैं। ये श्रृंखलाएं यहाँ से उत्तर की ओर बढ़ती जाती हैं। तिरूपति के उत्तर में सर्पाकार रूप में फैली इन पहाड़ियों के भाग को शेषाचल कहा जाता है जो आदिशेष या शेषनाग को प्रदर्शित करती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार आदिशेष ने संसार को अपने हजारों फनों वाले शीर्ष पर धारण कर रखा है।