Sunday, March 31, 2019

घुमक्कड़ी ज़िंदाबाद


Friday, January 11, 2019

खलिया टॉप

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कुछ देर में बारिश कुछ हल्की हो गयी। बादल भी छँटने शुरू हो गये थे। हिमालय की चोटियों के होने का कुछ–कुछ एहसास होना शुरू हो गया था। ये भी एहसास हो रहा था कि अगर बादल नहीं होते तो नजारा कैसा होताǃ
मंदिर परिसर में एक–दो चक्कर लगाने के बाद 5 बजे मैं वापस लौट पड़ा। वो चारों सतयुगी बन्दे भी मंदिर छोड़कर बाहर निकल चुके थे लेकिन मैं उनसे दूरी बनाए हुए था।

Friday, January 4, 2019

मुन्स्यारी की ओर

कुमाऊँ कैलाश–मानसरोवर का प्रवेश द्वार है। अनादि काल से ही,भगवान शिव के निवास स्थान तक की यात्रा के लिए,कुमाऊँ मार्ग प्रदान करता रहा है। अब भोलेनाथ ने अपने घर तक,मुझे कभी नहीं बुलाया तो मैंने मार्ग को ही मंजिल बना दिया। और निकल पड़ा कुमाऊँ की खूबसूरत वादियों की ओर। कैलाश नहीं तो कुमाऊँ ही सही।
काठगोदाम कुमाऊँ का प्रवेश द्वार है। ट्रेन से कुमाऊँ आने के लिए काठगोदाम आना ही पड़ता है।