1. तापमान,
2. वायुदाब एवं
3. वर्षा
इन्हीं तीन मुख्य तत्वों की प्रकृति और वितरण के बारे में किसी देश की जलवायु के अन्तर्गत अध्ययन किया जाता है। देश जितना विशाल हो,जलवायु की विभिन्नताएँ उतनी ही अधिक होती हैं। भारत की जलवायु भी अत्यन्त जटिल है। कर्क रेखा अर्थात 23.5⁰ अक्षांश,देश के लगभग मध्य भाग से गुजरती है। इसका परिणाम यह होता है कि तापीय दृष्टिकोण से कर्क रेखा से उत्तर स्थित देश का लगभग आधा भाग शीतोष्ण कटिबन्ध में आता है जबकि कर्क रेखा के दक्षिण स्थित आधा भाग उष्ण कटिबन्ध में आता है।









